रविवार, 27 नवंबर 2016

शत शत नमन आपको


ठीक एक साल पहले मेरे पिताजी
हम सब को मायूस और बिलखता छोड़ कर
अनंत यात्रा में प्रस्थान कर दिए
मुझे नहीं मालूम कि आप इस समय कहाँ हो
लेकिन
आप जहाँ भी हैं
मुझे पूर्ण भरोसा  है कि
आप हमारे दिल में सदैब अमर रहेंगें
और आप की मधुर स्मृतियाँ और  आशिर्बाद हमारे बीच हमेशा बना रहेगा.
शत शत नमन आपको

हम सबको तुम छोड़ चले ,इस दुनियां से उस दुनियां में
तुम बंधन सारे तोड़ चले ,इस दुनिया से उस दुनियां में

ऐसे भी कोई जाता है ,इस दुनियां से उस दुनियां में
छोड़ बिलखता जाता सबको ,इस दुनियां से उस दुनियां में

संग नहीं कोई जाता है इस दुनियां से उस दुनियां में
जीबित हैं तो जग से नाते ,इस दुनियां से उस दुनियां में

मुक्ति पाकर पहुँच जो जाता , इस दुनियां से उस दुनियां में
बिछुड़ों से मिलना हो जाता ,इस दुनियां से उस दुनियां में

हम सबको तुम छोड़ चले ,इस दुनियां से उस दुनियां में
तुम बंधन सारे तोड़ चले ,इस दुनिया से उस दुनियां में
शत शत नमन आपको

 मदन मोहन सक्सेना

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