रविवार, 3 मार्च 2013

याद
















तुम्हारी याद जब आती तो मिल जाती ख़ुशी हमको
तुमको पास पायेंगे तो मेरा हाल क्या होगा

तुमसे दूर रह करके तुम्हारी याद आती है
मेरे पास तुम होगें तो यादों का फिर क्या होगा

तुम्हारी मोहनी सूरत तो हर पल आँख में रहती
दिल में जो बसी सूरत उस सूरत का फिर क्या होगा

अपनी हर ख़ुशी हमको अकेली ही लगा करती
तुम्हार साथ जब होगा नजारा ही नया होगा

दिल में जो बसी सूरत सजायेंगे उसे हम यूँ
तुमने उस तरीके से संभारा भी नहीं होगा


प्रस्तुति :
मदन मोहन सक्सेना  

5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुन्दर ग़ज़ल,आभार.

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  2. pyari rachna :-)

    मेरा लिखा एवं गाया हुआ पहला भजन ..आपकी प्रतिक्रिया चाहती हूँ ब्लॉग पर आपका स्वागत है

    Os ki boond: गिरधर से पयोधर...

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  3. तुमसे दूर रह करके तुम्हारी याद आती है
    पास तुम होगें तो यादों का फिर क्या होगा,,,,
    बहुत उम्दा गजल!!!क्या बात है,,,

    Recent post: रंग,

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