सोमवार, 15 जुलाई 2013

परमाणु पुष्प में पूर्ब प्रकाशित मेरा ब्यंग्य

परमाणु पुष्प में पूर्ब प्रकाशित मेरा ब्यंग्य:






मेरी बिदेश यात्रा .

मदन मोहन सक्सेना .

7 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत उम्दा,सुंदर सृजन,,,वाह !!! क्या बात है

    RECENT POST : अभी भी आशा है,

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  2. बेहद सुन्दर प्रस्तुतीकरण ....!!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज बुधवार (17-07-2013) को में” उफ़ ये बारिश और पुरसूकून जिंदगी ..........बुधवारीय चर्चा १३७५ !! चर्चा मंच पर भी होगी!
    सादर...!

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  3. बहुत ही रोचक व्यंग्य है । साथ ही एक सच भी कि दूर के ढोल सुहाने होते हैं । अपनी मातृ-भूमि से अच्छा कुछ भी नही ।

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  4. बधाई इस प्रकाशन पे... अच्छा व्यंग है आपका ...

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  5. बहुत उम्दा,सुंदर प्रस्तुति,,

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  6. बहुत उम्दा,सुंदर प्रस्तुति,,

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